सरदार चरणजीत सिंह
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया अपने आप को देशद्रोही संस्थान साबित करने पर आमादा
स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया चुनावी बांड डेटा जमा करने के लिए और समय मांगा है।
शीर्ष अदालत ने बैंक को 6 मार्च तक भारत के चुनाव आयोग को विवरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
जबकि पब्लिक डाक्यूमेंट एक्ट के तहत हर सार्वजानिक प्रपत्र जनता के सामने लाने के लिए केवल 72 घंटे चाहिए होते हैं।
लेकिन पीएम मोदी और भाजपा को बचाने के चक्कर में स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया भारत की जनता के साथ देशद्रोही करने को तैयार है, जिससे यह भी प्रतीत होता है की स्टेट बैंक के आला अधिकारीयों ने भी टेबल के नीचे से या किसी अन्य तरह का लाभ मोदी सरकार से उठाया होगा।
अगर सभी अधिकारीयों की और उनके परिवार की विस्तृत जांच की जाये तो अनेक अधिकारी भी निजी रूप से इस बहती गंगा में हाथ होते पा जायेंगे।
कुल मिलाकए स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया जनता के प्रति जवाबदेही और उचतम न्यायलय का अपमान करता नजर आ रहा है।
इसी लिए बीजेपी को बचाने के लिए स्टेट बैंक लोकसभा चुनाव से बाद तक का समय मांग रहा है।

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